पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद उड़ रही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद उड़ रही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां

जानकारी के अभाव में कोरोना वैक्सीनेशन सेंटरों पर लग रही भारी भीड़


रिपोर्ट:- तरुण भार्गव

चकिया(प्यारी दुनिया)। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उचित प्रचार-प्रसार के अभाव में चकिया स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कोरोना वैक्सीनेशन सेंटर पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है, और पुलिसकर्मियों की तैनाती के बावजूद सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाई जा रही है, उचित जानकारी के अभाव में गांव गांव में भी वैक्सीनेशन कार्यक्रम लगातार चलने के बावजूद लोग सीधे वैक्सीनेशन सेंटर ही पहुंच जा रहे हैं, और सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाते हुए वैक्सीन लगवाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।

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आपको बता दें कि स्वास्थ्य विभाग चंदौली द्वारा आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम व चिकित्सा कर्मियों के साथ गांव गांव में आंगनबाड़ी केंद्रों अथवा पंचायत भवन में कोरोना का टीका लगवाया जा रहा है, लेकिन जानकारी के अभाव में दूरदराज के लोग भी चकिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंच जा रहे हैं तथा किसी भी तरह कोरोना वैक्सीन लगवाने की जद्दोजहद झेल रहे, जबकि क्षेत्र के ग्राम वासियों को गांव में ही स्थित आंगनबाड़ी केंद्र अथवा पंचायत भवन में आशा कार्यकर्ती एएनएम व चिकित्सा कर्मियों के माध्यम से वैक्सीनेशन का कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा है। वहीं लोगों में उचित जानकारी के अभाव में चकिया स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसके कारण कोविड-19 गाइडलाइन की धज्जियां उड़ रही है।
वही इस संबंध में कोविड-19 वैक्सीनेशन के प्रोजेक्ट मैनेजर अखिलेश यादव से बात करने पर उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गांव गांव में कोविड-19 वैक्सीनेशन सेंटर बनाकर आशा कार्यकर्ती एएनएम व चिकित्सा कर्मियों को गांव में ही भेज कर वैक्सीन लगवाने हेतु लगातार कार्यक्रम चल रहा है लेकिन जानकारी के अभाव में क्षेत्र के समस्त लोग चकिया वैक्सीनेशन सेंटर पर आ जा रहे हैं जिससे चिकित्सा स्टाफ सहित सभी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अब प्रश्न यह उठता है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे वैक्सीनेशन कार्यक्रम की उचित जानकारी व पर्याप्त प्रचार-प्रसार के अभाव में आम जनमानस को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तो इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाए? ?

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