Home क्राइम भू माफिया ने आरक्षित वन भूमि 32 बीघा जोता शासन-प्रशासन मौन

भू माफिया ने आरक्षित वन भूमि 32 बीघा जोता शासन-प्रशासन मौन

7
0

 

32 बीघा जंगल की जमीन पर जोतकोड कर किया कब्जा

रिपोर्ट-नीरज कुमार गुप्ता

बीजपुर / सोनभद्र( प्यारीदुनिया) जरहा वन रेंज क्षेत्र के सिरसोती ग्राम पंचायत टोला कोडार में जंगल की जमीन पर झाड़ी साफ कर 32 बीघा वन भूमि को जोतकोड कर कब्जा कर लिया गया यह कार्य जंगल और जमीन की सुरक्षा में लगे रखवालों की मिली भगत से होना बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार नेमना जंगल से सटे कम्पाट नम्बर 2 से कोडार कुदर बीट तक जंगल की वन भूमि में जंगली झाड़ी उगे थे जिसको काट कर जंगल के पड़ोस में आवाद गाँव के कई लोगों ने इस कार्य को अंजाम दिया है। इसी प्रकार बारिश के मौसम में अन्य गाँवों में भी जंगल किनारे आवाद लोग लगभग सैकड़ों बीघा जंगल की जमीन में जोतकोड कर प्रत्येक वर्ष कब्जा करते चले जा रहे हैं। बताया जाता है कि वन महकमे के लोगों की मिली भगत से जरहा वनरेंज क्षेत्रफल का दायरा प्रति दिन सिकुड़ता जा रहा है। इसके अलावा कब्जा अभियान में आएदिन मारपीट और विवाद अलग से पुलिस प्रशासन के लिए शिरदर्द बना हुआ है। सूत्रों पर भरोसा करें तो बारिश शुरू होते ही जोतकोड और कब्जे का सिलसिला शुरू हो जाता है। जानकारों की माने तो जिसके पास कभी दो चार बीघा जमीन कागज में थी वह आज 20 से 30 बीघा खेत पर खेती कर रहा है। यह कब्जा अभियान मुफ्त में नही बल्कि इसके लिए ग्रामीण वन बिभाग को मोटी रकम देते हैं तब जा कर कब्जा और जोतकोड करने की इजाजत होती है। सूत्र बताते हैं कि वन कर्मी खुद लोगों को कब्जे के लिए प्रेरित करते हैं और यह भी कहते हैं कि जिसका कब्जा होगा उतनी जमीन उसके नाम सरकार कर देगी। इसी लिए गाँवों में कब्जे को लेकर जमीनी विवाद में मारपीट और हत्या जैसे अपराधों में अब वृद्धि हुई है। इसबाबत डीएफओ रेनुकोट मनमोहन मिश्रा से कई बार फोन पर बात करने की कोशिश की गई लेकिन उन्हों ने फोन नही उठाया और न ही जरहा रेंजर मु० जहीर मिर्ज़ा ने फोन उठाना मुनासिब समझा जिसके कारण वन बिभाग की तरफ से सही जानकारी नही मिल पाई।

Previous articleराजदारी जलप्रपात मरने वालों की संख्या जारी जिलाधिकारी के आदेशों का हो रहा है उल्लंघन
Next articleगांधी पार्क में 24 जुलाई को होगा रक्तदान