राजदारी जलप्रपात मरने वालों की संख्या जारी जिलाधिकारी के आदेशों का हो रहा है उल्लंघन

 

जिलाधिकारी के निर्देश को ना मानने से राज दरी में मरने वालों का सिलसिला लगातार जारी

रिपोर्टर इंद्रजीत भारती (प्यारी दुनिया)

खबर यूपी के चंदौली जिला अंतर्गत नौगढ तहसील से है जहां राजदरी देवदरी जल प्रपात पर पानी में डूबने से हर साल कुछ न कुछ सैलानियों की मौत हो जाने की खबर आती है।
फिर भी वनविभाग व पुलिस विभाग सुरक्षा सुविधा उपलब्ध रख पाने से नजरअंदाज करता नजर आता है।
जबकि सैलानियों से लाखों रूपये हर वर्ष कर की वसूली की जाती है।
राजदरी देवदरी जल प्रपात का दीदार करने के लिए आने वाले पर्यटक नेटवर्क की सुविधा विहीन होने से अपनो के संपर्क से दूर हो जाते हैं जिससे असुविधाजनक स्थिति में भी शिकायत दर्ज करा पाना बमुश्किल सा हो जाता है।
जिस प्रकार से धुआंधार टैक्स की वसूली सैलानियों से की जाती है उसके सापेक्ष सुविधा देय होना नगण्य है।
सिर्फ सैलानियों की जेब ढीली करने का वनविभाग ताना बाना बुनकर जगह जगह बोर्ड लगा दिया है।
मेन गेट पर काफी धन की कर वसूली व जल प्रपात परिसर में बने कैंटीन से सामान काफी ऊंचे दर पर खरीदने के साथ ही सैलानी अपने वाहन को निजी देख रेख मे रखना चाहे तो भी वाहन स्टैण्ड संचालकों की गुंडई से उसे कोपभाजन का शिकार होकर के धन की अदायगी करना पड़ जाता है।
विगत दिनों जिलाधिकारी संजीव सिंह ने औचक निरीक्षण कर जल प्रपात पर जाने के लिए सैलानियों से लिए जाने वाले टैक्स मे वनविभाग की ब्यापक चोरी को पकड़ कर पारदर्शिता लाने के लिए कुछ नियमों को पारित करने का सख्त निर्देश दिया था।जिस पर भी बनविभाग बे असर है।वनविभाग व पुलिस विभाग अपने कर्तव्यों व दायित्वों के प्रति सचेत रहा होता तो
रविवार और मंगलवार को हुयी दो युवकों की मौत की घटना घटित नहीं हो पाती।
जिलाधिकारी का सख्त निर्देश है कि जलप्रपात पर जाने वाले सैलानियों के वाहन व जेब की तलाशी गेट पर ही लिया जाय जिसमे शराब बीयर मिलने पर वैधानिक कार्यवाही की जाय।जो कि आदेश मात्र दो दिनों तक ही चला।
काश जलप्रपात पर वनविभाग व पुलिस विभाग की निगरानी ड्यूटी होती तो रपटा के नीचे नहाने के लिए सैलानी नहीं जाते।जिससे मौत की घटनाएं नहीं घटित हो पाती।

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