सिंचाई विभाग की घोर लापरवाही से बेन धरौली रजवाहा का नहीं पहुंच पा रहा टेल तक पानी

सिंचाई विभाग की घोर लापरवाही से बेन धरौली रजवाहा का नहीं पहुंच पा रहा टेल तक पानी

पूर्व में डीएम ने निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को लगाई थी कड़ी फटकार

रिपोर्ट:- तरुण भार्गव

चकिया(प्यारी दुनिया)। चकिया कोतवाली क्षेत्र के
बेन धरौली रजवाहा का पानी सिंचाई विभाग की उदासीनता के कारण टेल तक नहीं पहुंच पा रहा है।
जबकि चकिया नहर में पानी छोड़े 1 सप्ताह से ऊपर हो गया है। लेकिन नहरों की साफ-सफाई व तटबंध मरम्मत न होने से अभी तक टेल तक नहीं पहुंच पाया है। जिससे उक्त सिस्टम पर आश्रित क्षेत्र के किसानों के खेतों तक न पहुंच पाने के कारण धान की नर्सरी सूखने की कगार पर पहुंच गई है।

वही सिंचाई के लिए पानी न मिलने से धान की फसल की नर्सरी सूख चुकी है लेकिन सिंचाई विभाग की कुंभकोणी निद्रा नहीं टूट रही है।वहीं विभागीय उदासीनता के चलते त्राहिमाम मचा हुआ है। और यही हाल रहा तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। वही इतने बड़े सिंचाई तंत्र के होने व संचालन के लिए भारी संख्या में सिंचाई के अधिकारियों व कर्मचारियों की नियुक्ति के बावजूद यदि किसानों तक नहर का पानी नहीं पहुंच पाता है तो इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है।
आपको बताते चलें कि लतीफ शाह बाध से निकली हुई नहर से बेन धरौली रजवाहा का पानी धरौली,कुशहा, खखड़ा,रोहाखी दर्जनों गांव जाता है जिस पर उस क्षेत्र के किसान पूरी तरह निर्भर है और अभी कुछ दिनों पूर्व ही जिलाधिकारी चंदौली संजीव सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर नहरों की शीघ्र मरम्मत करवाने साफ-सफाई आदि से संबंधित निर्देश व उदासीनता बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही की बात कही थी। लेकिन निर्देश के बावजूद किसानों के खेतों में पानी ना होने से नर्सरी सुख रही है।जिससे हाहाकार मचा हुआ है। अब प्रश्न यह उठता है कि किसानों के कल्याण का बीड़ा उठाए वर्तमान योगी सरकार के लाख चाहने के बावजूद यदि अंतिम किसान तक सरकार द्वारा संचालित सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता है तो इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है। इस संबंध में क्षेत्र के किसानों ने बताया कि इसकी जानकारी बेन धरौली रजवाहा के जेई को अवगत कराया गया हैकि राजवाहा कई जगह कट गया है। तथा नहर भी जगह-जगह पट गई है। एवं सफाई के नाम पर विभागीय कर्मचारी और अधिकारियों की लूट घसोट के चलते सफाई नहीं हो पाई है। जिसको लेकर क्षेत्रीय किसानो में रोष व्याप्त है।

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