सम्मातिमा अस्पताल में किया गया बीटिंग हार्ट सर्जरी

सम्मातिमा अस्पताल में किया गया बीटिंग हर्ट सर्जरी*

*पूर्वांचल के गरीबों के लिए वरदान साबित हो रहा है फातिमा अस्पताल : फादर साबू*

आदर्श श्रीवास्तव ब्यूरो चीफ प्यारी दुनिया

गोरखपुर।-बाई पास हर्ट सर्जरी से कम रिस्की व खर्चीला है बीटिंग हर्ट सर्जरी
चरगांवा । पादरी बाजार स्थित फातिमा अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों के टीम द्वारा बीटिंग हर्ट सर्जरी बिधि से चार दिन पूर्व सफल ऑपरेशन किया गया व शनिवार को शहर निवासी मरीज मनौवर को डिस्चार्ज कर दिया गया । इस अवसर पर फातिमा अस्पताल के निदेशक फादर पीएल साबू , चिकित्सीय टीम के डॉ सुदेश कुमार व डॉ आदित्य लाम्बा द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता में निदेशक फादर सब ने कहा कि बीटिंग हर्ट सर्जरी बिधि से प्रधानमंत्री आयुष योजनान्तर्ग शहर निवासी मनौवर का निःशुक्ल ऑपरेशन किया गया है व मुख्यमंत्री राहत कोष से से 70 गरीब मरीजों का उपचार का उपचार किया गया है । फातिमा अस्पताल पूर्वान्चल के गरीबों के लिए बरदान साबित हो रहा है । उन्होंने आगे बताया कि बीटिंग हर्ट सर्जरी में बाईपास हर्ट सर्जरी के तुलना में जान का खतरा कम होने के साथ साथ खर्च भी कम पड़ता है । इस सर्जरी में मात्र एक यूनिट ब्लड चढ़ाना पड़ना है जबकि बाईपास हर्ट सर्जरी में कम से पांच यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ती है । इसके अलावा ऑपरेशन के दौरान ब्लड का रिसाव बीटिंग हर्ट सर्जरी में मात्र 200 मिली होता है जबकि बाईपास हर्ट सर्जरी में ब्लड का रिसाव 1500 से 2000 मिलीलीटर होता है । बीटिंग हर्ट सर्जरी में कृत्रिम अंग की जरूरत नही पड़ती है जिससे ब्रेन स्टोक का खतरा कम रहता है । इस बिधि से ऑपरेशन में मात्र पांच घण्टे व दो दिन बाद से ही मरीज टहलना शुरू कर देता है तथा चार दिन के बाद मरीज पूर्णतया स्वस्थ हो कर घर चला जाता है । जबकि बाईपास हर्ट सर्जरी में स्वस्थ होने में 15 से 20 दिन का समय लगता है । बाईपास हर्ट सर्जरी की तुलना में बीटिंग हर्ट सर्जरी में कम से कम 50 हजार रुपयों की बचत होती है ।
पत्रकार वार्ता के पूर्व निदेशक फादर साबू ने सफल ऑपरेशन में लगे चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की टीम के डॉ सुदेश कुमार , डॉ आदित्य लाम्बा , डॉ अंचल , नर्सेज रोमी,शालिनी, बिना , सुनीता,अल्पना व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ विनय सिन्हा को अंगबस्त्र व उपहार भेंट कर सम्मानित किया ।

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